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Monday, 1 August 2016

गीता भजनावली-2 गीता वाणी सुनते सुनते

गीता वाणी सुनते सुनते झूम उठा ये मन प्यारा ,बन गया अब ये मतवाला

१. इतनी मीठी इतनी सुंदर कृष्ण की ये वाणी कौन करेगा रीसा इसकी वाणी बड़ी लासानी

२. पढ़ते पढ़ते  वाणी मित्रो अक्ल हुई दीवानी,ज्ञान की राह पे चल पड़ी हैं छोड़ के अब मन मानी

३. धन्य वो धरती धन्य वो वेला सुनरे मेरे मीता,कुरुक्षेत्र के धर्मभूमि पे कृष्ण ने बोली गीता

४. गुजरी जिंदगी अब तो लगती एक बड़ी नादानी सचमुच मुझपे अब हुई हैं कृष्ण की मेहरबानी

५. मुबारिक गीता जयन्ती भाइयो मुबारक कृष्ण फरमान रब दी कसम ए गीता बन गई होठो की मुस्कान      

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