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Monday, 1 August 2016

श्री गीताजी भजनावली -1 गीता पाके मैने खुदा पा लिया हैं


गीता पाके मैने खुदा पा लिया हैं जहां गम नहीं वो जहाँ पा लिया हैं..
१.छू ना सकेगी जिसे अब कजा भी, मिटा ना सकेगी जिसे अब बद्दुआ भी,ख़ुशी से भरा वो मंका पा लिया हैं-गीता पाके मैने..


२.दिल ओ जिगर में ख़ुशी भरपूर हैं नैन मूंदे तो नूर ही नूर हैं,खिंजा से परे गुलसिताँ पा लिया हैं -गीता पाके मैने..

३.कहे आज कैसे की क्या पा लिया हैं सोया मुकदर जगा पा लिया हैं,गीता धारी वो मेहरबा पा लिया हैं -गीता पाके मैने..

४.जिये जा रहा हू जिये जा रहा हुँ, हर एक को खुशी मैँ दिये जा रहा हू,प्रभु भक्तो का कारवां पा लिया हैं-गीता पाके मैने..   



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