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Tuesday, 2 August 2016

श्री गीताजी भजनावली-6 गीता अपनाओ जी ये दुआ हैं मेरी

गीता अपनाओ जी ये दुआ हैं मेरी आयु सफल करो ये सदा हैं मेरी

  •  जब तलक तुम रहो हरि भजन करो भूलने दो ये दुनिया ये ही लग्न करो ,गीता कहती यही जो रहनुमा हैं मेरी 
  •  उम्र भर मैँ ये गीता सुनाता रहू ,सोये भाग्य तेरे मैँ जगता रहूं ,दुःख निवारण की गीता एक दवा हैं मेरी
  • खाना पीना ही जिंदगी का काम ना हो बंदगी बंदगी सुबह शाम ही हो ,मान लो मान लो ये इल्तज़ा हैं मेरी
  • शुक्र हैं उस प्रभु का जो वाणी हैं दी ज्ञान नैया की  रवानी हैं दी ,मन की रोगों की गीता एक शमा हैं मेरी
  • लो सुनो वो प्रभु अब बुला ही रहे ज्ञान नैया पे हमको बिठा ही रहे ,सच पूछो तो गीता मल्लाह  हैं मेरी  

श्री गीताजी भजनावली-5 कृष्ण गीता मैँ लाया चले आइये

कृष्ण गीता मैँ लाया चले आइये,रस भरी हैं ये गीता चले आइये

१.इस जिंदगी का कोई भरोसा नहीं ,कच्ची गागर हैं आखिर ये फूटे कही,बहुत मन मानी की अब चले आइये

२. आज कल करते करते यू सारी गई,हाय उम्र तुम्हारी यू सारी गई अपना कल्याण करने चले आइये

३. खाना पीना ही तो हैं नहीं जिंदगी ,सच पूछो तो ये एक शर्मिंदगी ,बंदगी करने अब तो चले आईये

४. रोते पैदा हुए रोते जिंदगी गई ,रोते  दिन हैं गया ,रोते रात गई ,अंत रोना नहीं तो चले आईये

५. क्या सुनहरी ये मौका हैं सुंदर घडी, हाय जिंदगी तुम्हारी कहाँ हैं खड़ी,अब तो हद  हो चुकी  हैं चले आईये

६. अब मानो मेरी और ठानो यही भक्ति करेंगे या रब ता जिंदगी ,हरि दर्शन करने चले आईये..   

श्री गीताजी भजनावली-4 बार बार तेरी गीता सुनु मैँ

बार बार तेरी गीता सुनु मैँ प्यारे कृष्ण मुरार सुन लो प्रभु जी दिल की ये ही हैं पुकार..

    1.कई जन्मों से आया हू मैँ भटक भटक अब मेरा मन ना जाये कही पे अटक अटक
अब नहीं तरसू और सदा मैँ रहू तेरे चरणार - सुन लो प्रभु

    2.सारा जीवन करता रहा मैँ अगर मगर ,विषयो के दर पे मैँ भटका डगर डगर,
अब तो नजरे कर्म हो जाये ओ मेरे बक्शनहार-सुनलो प्रभु

3.हाथ जोड़ विनती करूं मैँ बार बार -गुनाह मेरे अब मालिक कर दो तार तार ,
राह,तेरी पे चलता रहूं मैँ ,नाम तेरा उच्चार -सुनलो प्रभु

4.जीव तेरे यहाँ रो रहे हैं बार बार ,भव सागर में डूबा हूँ उर वार ना पार
ज्ञान नैया अब ले आओ जल्दी ओ मेरे तारन हार -सुन लो प्रभु

5.भक्त हुआ तेरी गीता पे सोहनी सरकार वांग परवाना फिदा हुआ तेरे दरबार
ठुकरा दो या प्यार  करो गिर पड़ा हू तेरे दरबार -सुनलो प्रभु    

Monday, 1 August 2016

श्री गीताजी भजनावली-3 कृष्ण की गीता सुनाकर हम चले

कृष्ण की गीता सुनाकर हम चले,पढ़ते रहना साथियो ये कह चले


1.जिंदगी आला बनेगी आपकी, ऐसी प्यारी गीता जी हम दे चले ..

2.कृष्ण की कृपा रहेगी आप पर ऐसी प्यारी गीता जी हम दे चले..

3.गीता ज्ञान से मिलेगा वो सरुर,खुद कहेंगे अब तो सब गम बहचले..

4.आसान न था गीता सुनाना साथियो,कृष्ण की कृपा से सब कुछ कह चले..

5. रह्नुमाए जिंदगी गीता ही हैं,गाइड फ्रेंड फिलॉस्फर हम कह चले..

6. कसम तुमको गीता की ए साथियो,गीता को मत भूलना ये कह चले..

गीता भजनावली-2 गीता वाणी सुनते सुनते

गीता वाणी सुनते सुनते झूम उठा ये मन प्यारा ,बन गया अब ये मतवाला

१. इतनी मीठी इतनी सुंदर कृष्ण की ये वाणी कौन करेगा रीसा इसकी वाणी बड़ी लासानी

२. पढ़ते पढ़ते  वाणी मित्रो अक्ल हुई दीवानी,ज्ञान की राह पे चल पड़ी हैं छोड़ के अब मन मानी

३. धन्य वो धरती धन्य वो वेला सुनरे मेरे मीता,कुरुक्षेत्र के धर्मभूमि पे कृष्ण ने बोली गीता

४. गुजरी जिंदगी अब तो लगती एक बड़ी नादानी सचमुच मुझपे अब हुई हैं कृष्ण की मेहरबानी

५. मुबारिक गीता जयन्ती भाइयो मुबारक कृष्ण फरमान रब दी कसम ए गीता बन गई होठो की मुस्कान      

श्री गीताजी भजनावली -1 गीता पाके मैने खुदा पा लिया हैं


गीता पाके मैने खुदा पा लिया हैं जहां गम नहीं वो जहाँ पा लिया हैं..
१.छू ना सकेगी जिसे अब कजा भी, मिटा ना सकेगी जिसे अब बद्दुआ भी,ख़ुशी से भरा वो मंका पा लिया हैं-गीता पाके मैने..


२.दिल ओ जिगर में ख़ुशी भरपूर हैं नैन मूंदे तो नूर ही नूर हैं,खिंजा से परे गुलसिताँ पा लिया हैं -गीता पाके मैने..

३.कहे आज कैसे की क्या पा लिया हैं सोया मुकदर जगा पा लिया हैं,गीता धारी वो मेहरबा पा लिया हैं -गीता पाके मैने..

४.जिये जा रहा हू जिये जा रहा हुँ, हर एक को खुशी मैँ दिये जा रहा हू,प्रभु भक्तो का कारवां पा लिया हैं-गीता पाके मैने..