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Tuesday, 2 August 2016

श्री गीताजी भजनावली-5 कृष्ण गीता मैँ लाया चले आइये

कृष्ण गीता मैँ लाया चले आइये,रस भरी हैं ये गीता चले आइये

१.इस जिंदगी का कोई भरोसा नहीं ,कच्ची गागर हैं आखिर ये फूटे कही,बहुत मन मानी की अब चले आइये

२. आज कल करते करते यू सारी गई,हाय उम्र तुम्हारी यू सारी गई अपना कल्याण करने चले आइये

३. खाना पीना ही तो हैं नहीं जिंदगी ,सच पूछो तो ये एक शर्मिंदगी ,बंदगी करने अब तो चले आईये

४. रोते पैदा हुए रोते जिंदगी गई ,रोते  दिन हैं गया ,रोते रात गई ,अंत रोना नहीं तो चले आईये

५. क्या सुनहरी ये मौका हैं सुंदर घडी, हाय जिंदगी तुम्हारी कहाँ हैं खड़ी,अब तो हद  हो चुकी  हैं चले आईये

६. अब मानो मेरी और ठानो यही भक्ति करेंगे या रब ता जिंदगी ,हरि दर्शन करने चले आईये..   

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